Thursday, May 30, 2024

तुम मत देना। तुम “मत देना”।।


वे मुद्दे पर बात नहीं करेंगे,

मुद्दों से भटकाएंगे,

तुम मत भटकना।


वे बेबुनियाद सवालों की गुत्थी में उलझाएंगे,

तुम शिक्षा, स्वास्थ और रोज़गार जैसे

इन गंभीर सवालों पर,

डंटे रहना।


वो बात-बात में ध्रुवीकरण करने का प्रयास करेंगे,

एक कौम के हितों का,

दूसरे कौम के होने से,

खो जाने का डर दिखलाएंगे,

तुम मत डरना।


वे असल समस्याएं छिपाकर,

धर्म की सुरक्षा का दावा कर एहसान जताएंगे,

तुम वो एहसान मत लेना।


इतिहास गवाह है-

महान से महान शख्सियत के उत्थान और पतन का,

मानो ये भी प्रकृति का ही कोई नियम हो।


उनका भी पतन होगा एक दिन,

वे एक बार फिर उठ खड़े होने के लिए,

तुम्हें फिर से गुमराह कर तुम्हारा सहारा मांगेंगे,

तुम मत देना।

तुम “मत देना”।।

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30-05-2024

Rahul Khandelwal


Note: The picture is taken from internet.


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